Sunday, June 21, 2026

एक यात्रा - अद्भुत है वह महज़ चार इंच की है उसके शरीर पर कपड़े भी नहीं है ।वह नाचती हैं जिसपर पुरी दुनिया उसे सलाम करतीं हैं

Ek yatra khajane ki khoje










It is approximately 4 inches tall and is roughly 4,500 years old.
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अद्भुत एवं अनोखी रहस्यमई केवल एक  इंच लम्बी नाचने वाली लड़की जिसके पीछे पड़ा है पाकिस्तान। उसके शरीर पर कपड़े भी नहीं है 
वह नाचती हैं जिसपर पुरी दुनिया उसे सलाम करतीं हैं मगर पाकिस्तान के लोगो को यह बेहद नागवार गुजरती हैं । इसलिए पहले तो उन लोगो ने इस महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज को ठुकरा दिया था। लेकिन अब वही लोग इसके वैश्विक महत्व को जानने के बाद इसे प्राप्त करने के लिए एड़ी-चोटी का दम लगाएं हुए हैं।







        मगर भारत ने उस नाचने वाली लड़की को बहुत ही सहेज कर रखा है और वह किसी भी हाल में इस पुरातात्विक खोज को पाकिस्तान को देना नहीं चाहता है 
     
  जानते हो क्योंकि हमारे देश भारत ने इसे इज्जत बख्शी, अपने यहां के किताबों में सिलेबस के रूप शामिल किया । जिसके कारण से वह अब पुरे विश्व में भारत का नाम रोशन कर रही है। 
                इस नाचने वाली लड़की की मूर्ति खोज मोहनजोदड़ो से अंग्रेजों ने 20 वीं सदी में की थी। और नाम दिया था द डांसिंग गर्ल ।







        दोस्तों हाल ही में इसे तब लेकर विवाद हो गया ।जब NCERT  की क्लास 9 की किताब में डांसिंग गर्ल के ऊपरी हिस्से को ढका हुआ दिखाया गया था। लेकिन विवाद बढ़ने पर इसे फिर जैसी मूर्ति है वैसी ही छाप दी गई। 

   🙏🙏 धन्यवाद दोस्तों यात्रा में बने रहें 🙏🙏










       भारत की सबसे महत्वपूर्ण खोजों में से एक 

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Saturday, June 20, 2026

रायगढ़ किला, महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में स्थित एक ऐतिहासिक दुर्ग है,

Ek yatra khajane ki khoje











रायगढ़ किला, महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में स्थित एक ऐतिहासिक दुर्ग है,

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रायगढ़ किला, महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में स्थित एक ऐतिहासिक दुर्ग है, जो सह्याद्रि पर्वतमाला की ऊँची पहाड़ियों पर बना हुआ है। यह किला अपनी भव्य वास्तुकला, प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।






वर्ष 1674 में यहीं पर छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ था। किले में राजमहल के अवशेष, जगदीश्वर मंदिर, बाजार क्षेत्र और शिवाजी महाराज की समाधि आज भी देखने योग्य प्रमुख स्थल हैं।










बादलों से घिरा यह दुर्ग इतिहास, साहस और अद्भुत प्राकृतिक दृश्यों का अनोखा संगम प्रस्तुत करता है। रायगढ़ किला महाराष्ट्र आने वाले हर इतिहास और प्रकृति प्रेमी के लिए एक खास आकर्षण है।






        🙏🙏 धन्यवाद आप सभी का हमारे ब्लॉग मे हार्दिक अभिनंदन है 🙏🙏



















Saturday, May 30, 2026

क्या आपको पता है दुनिया के सभी इंसान एक ही महिला से जुड़े हुए हैं ?

Ek yatra khajane ki khoje



















क्या आपको पता है दुनिया के सभी इंसान एक ही महिला से जुड़े हुए हैं ? 

    जिसे वैज्ञानिकों ने Mitochondrial EVE नाम दिया है।


 जो अफ्रीका में 150000 से 200000 साल पहले रहतीं थीं।

  

 दोस्तों वैज्ञानिकों ने Mitochondrial EVE   नाम  उस महिला को देते हैं जिसकी Maternal blood line  आज जीवित प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचती हैं ।

          दोस्तों जिसका मतलब यह नहीं है कि वह वहां उस समय की अकेली महिला थी। बल्कि यह की उनकी मां -बेटी की genetic 🧬 lineage बिना टूटें आज तक जारी रहीं हैं।  

         नये शोध के अनुसार यह महिला लगभग 150,000

200000 लाख साल पहले अफ्रिका में रहती थी । वैज्ञानिकों ने यह निष्कर्ष mitochondrial 🧬 DNA  के अध्ययन से निकाले हैं । जो केवल मां से बच्चों में ट्रांसफर होता है।






    दोस्तों आश्चर्य कि बात है कि इसी वजह से शोधकर्ता इंसानों के पुर्वजों को maternal line के जरिए हजारों साल पीछे तक trace कर पाते हैं।

            दोस्तों दिलचस्प बात यह है कि दुनिया के अलग-अलग देशों , रंगों और विभिन्न संस्कृतियों के लोग Genetically  एक दूसरे से कहीं ज्यादा जुड़े हुए हैं। जितना हम आमतौर पर सोचते हीं नहीं है। 

दोस्तों यहीं कारण है आधुनिक मानवों को एक ही विशाल family tree  का हिस्सा माना जाता है। 

        दोस्तों mitochondrial EVE  कोई काल्पनिक चरित्र नहीं है  बल्कि  genetics 🧬 DNA और evolution studies  में इस्तेमाल किया जाने वाला 

Scientific concept  हैं दोस्तों यह theory इंसानी इतिहास , migration और evolution को समझने में बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है।






             दोस्तों यह आधुनिक शोध हमें यह भी याद दिलाता है कि चाहे इंसान कितने भी अलग दिखें हमारी जड़ें कहीं न कहीं आपस में जुड़ी हुई हैं। यानी हम सभी इंसान एक ही वृक्ष के विभिन्न शाखा है। जो समय और विभिन्न जगहों और वातावरण के अनुसार विभिन्न शाखाओं में परिवर्तित हो गये है।

          यानी दोस्तों सम्पूर्ण मानव जाति एक साझा evolutionary journey  का महत्वपूर्ण हिस्सा है।


                    धन्यवाद दोस्तों 🙏

   












       

Wednesday, May 27, 2026

भाग -2 🧭🔮🎃🥇 उत्तराखण्ड वह रहस्यमई चुड़ैल डाकिन सोनका जो लोगों को सोना व(Gold 🥇) देकर धीरे धीरे प्राण ले लेती है। सावधान हो जाएं 🎃 अगर आप उत्तराखण्ड के ख़ुबसूरत वादियों में घुम रहे हैं तो सतर्क हो जाएं 🎃

Ek yatra khajane ki khoje




 

🧭🔮🎃🥇 उत्तराखण्ड वह रहस्यमई चुड़ैल डाकिन सोनका जो लोगों को सोना व(Gold 🥇) देकर धीरे धीरे प्राण ले लेती है। सावधान हो जाएं 🎃 अगर आप उत्तराखण्ड के ख़ुबसूरत वादियों में घुम रहे हैं तो सतर्क हो जाएं 🎃








      नमस्कार दोस्तों आप सभी का मेरे यात्रा ब्लॉग में हार्दिक अभिनंदन है।
                    दोस्तों उस दिन की घटना के बाद यानि कैंप में आने के बाद मैंने किसी को भी अजीब घटना के बारे में नहीं बताया था। मैं चुप चाप स्नान करने करने के बाद खाना खाया और अपने टेंट में सो गया था। क्योंकि सुबह सुबह हमें अपने पार्टिसिपेंट्स के साथ पहाड़ों में मौजूद गांवों के भ्रमण में जाना था। और अक्सर हम लोग कैंप से चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित नालड गांव जाया करते थे। दोस्तों आपको बता दूं पहाड़ की ऊंचाई पर स्थित यह गांव काफी खूबसूरत है। और यहां लोग काफी मिलनसार हैं। दोस्तों जब हमलोग इस गांव में आते थे तो साथ में हम लोग बड़ी संख्या में पेन पेंसिल और नोट बुक साथ ही साथ कुछ किताबें भी लेकर आते थे। और वहां पर मौजूद स्कूल में बच्चों के बीच पढ़ाई-लिखाई करने वाली समाग्री बांट दिया करते थे। 
                                            जिसके कारण से वहां के लोगों से हमारी काफी जान-पहचान हो गई थी।  









                    दोस्तों आपको बता दूं कि यही पर मुझे पहली बार सोंनका सोना देकर जान लेनी वाली रहस्यमई बुढ़िया के बारे में पता चला था। 
                       क्योंकि आज से दस साल पहले एक ऐसी घटना घटी थी हमारे कैंप और इस नालड गांव के पहाड़ियों के उपर। जिसने पूरे गांव वाले और हमें हैरान और परेशान कर दिया था।
              दोस्तों मैं आपको दस साल पुरानी घटना को इसलिए बताने जा रहा हूं जो कहीं न कहीं मुझे लगता है कि उस रहस्यमई बुढ़िया ने ही उस मजदूर की जान ले ली थी नालड गांव की पहाड़ियों में ले जाकर। वह मजदूर जमशेदपुर से हमारे कैंप में बन रहे लोहे वाली घर में काम करने आया था। और बेचारा बेमौत मारा गया था। रहस्यमई और सोने से लदी उस बुढ़िया के जाल में फंसकर।

     🙏   धन्यवाद 🙏

अगला भाग ज़रूर पढ़ें।














Monday, May 25, 2026

🧭🔮🎃🥇 उत्तराखण्ड वह रहस्यमई चुड़ैल डाकिन सोनका जो लोगों को सोना व(Gold 🥇) देकर धीरे धीरे प्राण ले लेती है। सावधान हो जाएं 🎃 अगर आप उत्तराखण्ड के ख़ुबसूरत वादियों में घुम रहे हैं तो सतर्क हो जाएं 🎃

Ek yatra khajane ki khoje




 

       वह बुढ़िया भी हो सकती है और जवान सुंदर सोनका 
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🧭🔮🎃🥇 🧭🔮🎃🥇 उत्तराखण्ड वह रहस्यमई चुड़ैल डाकिन सोनका जो लोगों को सोना (Gold 🥇) देकर धीरे धीरे प्राण ले लेती है। सावधान हो जाएं 🎃 अगर आप उत्तराखण्ड के ख़ुबसूरत  वादियों में घुम रहे हैं तो सतर्क हो जाएं 🎃




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🙏🙏 नमस्कार दोस्तों 

 मैं पर्वतारोही हूं और साल का अधिकांश समय मैं उत्तराखंड में ही घुमता रहता हूं अपने दोस्तों के साथ। दोस्तों मेरे साथ एक ऐसी घटना घटी उत्तरकाशी के असी गंगा घाटी में कि मुझे पुर्ण विश्वास हो गया कि हकीकत में सोनका एक ऐसी चुड़ैल डाकिन जो कुछ खाने के बदले लोगों को सोना (Gold) देती थीं। और लोगों को अपनी जाल में फंसाकर उनकी जान लें लेती थी।
             दोस्तों वह मुझे भी अपनी जाल में फंसाना चाहती थी लेकिन किसी अंजान शक्ति ने मुझे उसके चंगुल में फसने से बचा लिया था।

         दोस्तों उत्तर काशी में असी गंगा नदी के घाटी में काफलोन नामक एक जगह है जहां पर टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन का एक ट्रेनिंग कैंप बना हुआ है जहां पर टाटा स्टील के कर्मचारियों को लीडरशिप की ट्रेनिंग होती हैं और साथ ही साथ बहुत सारे एडवेंचर एक्टिविटी होती है और उन्हें ऊंचे पहाड़ों पर ट्रैकिंग भी कराया जाता है।। 





                   दोस्तों अभी मई महीने 2026 में टाटा स्टील जमशेदपुर की 49 सदस्यों का एक ग्रुप आया हुआ था काफलोन में जिन्हें रिवर क्रौस करवाने की ट्रेनिंग देनी थी। इसके लिए हमलोगों ने असी गंगा के जलधारा में एक स्थान 
बना रखा था जहां उन्हें ट्रेंनिंग देनी थी।।

         अंततः वह दिन भी आ गया उस दिन रविवार का दिन था तो उस रोड में गाडियां बहुत ही कम चलती है ख़ास तौर पर रविवार के दिन। खैर गाडियां चलें या न चले क्योंकि हमें कहीं जाना तो था नहीं। क्योंकि हमें पैदल ही करीब एक किलोमीटर के आस पास ही ट्रेनिंग स्थान के पास जाना था।
दोस्तों हमारे ट्रेंनिग स्थान के उपर करीब एक किलोमीटर दूर उतरो गांव मौजूद हैं जहां जाने के लिए लोहे वाली पुल बनीं हुईं हैं। दोस्तों पुल के उस पार और उतरो गांव के नीचे पहाड़ों में जंगल के बीच में हमलोगों ने राॅक क्लाइंबिंग क्षेत्र बना रखा है । जहां पर लोगों को पहाड़ पर चढ़ने और उतरने की ट्रेनिंग दी जाती है।
                 दोस्तों राॅक क्लाइंबिंग क्षेत्र के नीचे हीं असी गंगा बहती हैं जहां पर हमलोगों को नदी के तेज़ जलधारा में नदी पार करने की ट्रेनिंग देनी थी।
                                      अतः दोस्तों हम लोग तय समय पर अपने कैंप क्षेत्र काफलोन से नास्ता करने के बाद सभी पार्टिसिपेंट्स के साथ 9 बजे ट्रेनिंग स्थल की ओर चल पड़े थे। और लगभग आधे घंटे में ही सभी लोग नदी के किनारे पहुंच गए। दोस्तों आपको बता दूं कि कुछ पार्टिसिपेंट्स का राॅक क्लाइंबिंग बचा हुआ था जिन्हें लेकर मुझे नदी के उस पार जाना था। जहां उन्हें ट्रेंनिंग स्थान पर छोड़ कर नदी के दुसरे किनारे पर ही रूक जाना था। जहां पर रीवर क्रौसिंग के दौरान पार्टिसिपेंट्स को सुरक्षित नदी के उस पार भेजना था। अतः मेरे उस स्थान पर पहुंचने के बाद ट्रेनिंग शुरू कर दी गई। दोस्तों एक एक करके सभी पार्टिसिपेंट्स को सुरक्षित ट्रेनिंग देने के बाद। मैं वापस उसी लोहे वाले पुल से नदी के इस पर आने से लगा जहां पर मेरे दोस्त मेरा इंतजार कर रहे थे। दोस्तों इस समय 12 बज रहे थे। काफी तेज धूप थी अतः में काफी तेज कदमों से पुल को पार करने लगा। 





                                                    दोस्तों जैसे ही मैं पुल से नीचे उतर कर रोड पर आया मैं अचानक रुक गया क्योंकि की एक बेहद वृद्धावस्था वाली महिला ने आवाज देकर मुझे रोक दिया था। दोस्तों आपको क्या बताऊं मैं उसे देखते ही मैं डर गया था क्योंकि वह पुरी तरह से सोने की गहने से लदी हुई थी। इस वीराने में। जहां दूर-दूर तक कोई आबादी नहीं थी। क्योंकि उस स्थान से उतरो गांव और हमारा कैंप भी लगभग एक किलोमीटर दूर था। और सबसे बड़ी बात यह थी कि लगभग पच्चीस क़दम पर ही मेरे दोस्त और सारे पार्टिसिपेंट्स खड़े थे लेकिन वह बुढ़ी महिला उन्हें दिखाई नहीं दे रहीं थीं। वह रहस्यमई तरीके से मुस्कुरा रही थी और मुझसे अपनी पहाड़ी भाषा में पुछ रहीं थीं कि आज रोड पर गाड़ियां क्यों नहीं चल रही है मुझे अपने रिश्तेदार के घर जाना है। दोस्तों न जाने क्यों मै रहस्यमई तरीके से उसके बातों फंसता जा रहा था।कि तभी मेरे दोस्तों ने मुझे आवाज लगाई। कि किससे बात कर रहे हों काफी तेज धूप हैं चलो कैंप चलते है। अपने दोस्तों की आवाज सुनकर उनकी तरफ देखने लगता हूं और फिर जैसे ही पीछे मुड़कर देखता हूं वह बुढ़ी महिला तेज़ क़दमों से आगे बढ़ जाती है और कुछ कदम चलने के बाद वह मेरे आंखों के सामने से ओझल हो जाती है। 
                                                          यह देखकर मैं आश्चर्यचकित हो जाता हूं कि वह महिला आखीरकार गई कहां। उसके बाद मैं अपने दोस्तों के साथ वापस कैंप आ जाता हूं और मैं अपने दोस्तों को इस बारे मे कोई जानकारी नहीं देता हूं। 
                      धन्यवाद दोस्तों 
दोस्तों अगला भाग ज़रूर पढ़ें। आगे की घटनाएं बहुत ही रहस्यमई है।



















Wednesday, March 25, 2026

2000 साल पहले भी होता था भारत-मिस्र में व्यापार, कब्रों में खुदे मिले तमिल-संस्कृत लिपियों में व्यापारियों के नाम: विदेशी शोधकर्ता भी हैरान, बताया- ये असाधारण खोज🔎🔎🔮🔮

Ek yatra khajane ki khoj



⚰️⚰️📜📜2000 साल पहले भी होता था भारत-मिस्र में व्यापार, कब्रों में खुदे मिले तमिल-संस्कृत लिपियों में व्यापारियों के नाम: विदेशी शोधकर्ता भी हैरान, बताया- ये असाधारण खोज🔎🔎🔮🔮




मिस्र के कब्र में दफ़न भारतीय व्यापारियों के नाम

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📝📝मिस्र के ‘वैली ऑफ किंग’ नाम की प्राचीन कब्रों से 30 शिलालेख मिले हैं, जो लगभग 2000 साल पुराने हैं। इन शिलालेखों में भारत और मिस्र के बीच व्यापार और संपर्क की जानकारियाँ हैं। 📝📝


📝📝इन शिलाओं पर लिखे शब्द तमिली (प्राचीन तमिल-ब्राह्मी) और प्राकृत एवं संस्कृत भाषा में हैं, जो यह साबित करते हैं कि उस समय भारतीय उपमहाद्वीप के लोग मिस्र आते-जाते थे।🗺️🗺️


📜📜मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये शिलालेख 6 अलग-अलग रॉक-कट कब्रों में मिले हैं। इनमें से 20 शिलाएँ तमिली में और बाकी 10 शिलाएँ संस्कृत और प्राकृत में हैं।⚰️⚰️


🚸🚸 इसका मतलब यह है कि केवल दक्षिण भारत के ही नहीं बल्कि भारत के उत्तर-पश्चिम और पश्चिमी हिस्सों से भी लोग मिस्र जाते थे। 🚸🚸






📜📜विशेष रूप से प्राचीन राजधानी थेब्स के भीतर स्थित राजाओं की घाटी में, जहाँ पहले से तीसरी ईस्वी के बीच मसालों और अन्य वसतुओं का व्यापार होता था।🧭🧭


✍️✍️इस खोज की जानकारी स्विट्जरलैंड की लॉजेन यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ स्लाविक एंड साउथ एशियन स्टडीज (SLAS) के प्रोफेसर इंगो स्ट्राउच और फ्रांस के पेरिस स्थित EFEO की प्रोफेसर शार्लोट श्मिड ने दी है। ✍️✍️


✍️✍️उन्होंने बुधवार (11 फरवरी 2026) को तमिलनाडु राज्य पुरातत्व विभाग (TNSDA) द्वारा तमिल शिलालेखों पर आयोजित सम्मेलन में यह जानकारी दी। ✍️✍️


🕵️इस कार्यक्रम में दुनियाभर के विशेषज्ञ और शोधकर्ता शामिल हुए थे, जहाँ इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक खोज को पहली सार्वजनिक रूप से बताया गया।✍️✍️



        Ek Yatra khajane ki khoj me

  


         




Tuesday, March 24, 2026

दोस्तों वहीं तारें वहीं आकाश बस दोस्तों समय के साथ नजर बदल गई हैं

Ek yatra khajane ki khoje







समय बदल गया सभ्यताओं का स्वरूप बदल गया 

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तारें वहीं मौजूद हैं और आकाश भी वहीं मौजूद हैं 🌠🌫️

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वही तारे, वही आकाश—बस नज़र बदल गई।




एक तरफ रामसेस 5th के मकबरे की छत पर बना 3000 साल पुराना आकाशगंगा का चित्रण है, और दूसरी तरफ आज की अत्याधुनिक एस्ट्रोफोटोग्राफी। समय के इस विशाल अंतर के बावजूद, ब्रह्मांड की विशालता को समझने की हमारी तड़प आज भी कायम है। प्राचीन मिस्रवासियों ने जिसे अपनी दीवारों पर उकेरा, आज हम उसे लेंस के माध्यम से सच होते देख रहे हैं।








🕵️Ek yatra khazane ki khoj me

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Ek yatra khajane ki khoje me

एक यात्रा माउंटेन लेपर्ड महेन्द्रा के संग

          ( एक यात्रा माउंटेन लेपर्ड महेन्द्रा के संग )                          www.AdventurSport.com सभी फोटो झारखणड़ के...