माता अन्नपूर्णा की अद्भुत मंदिर
डोडी ताल
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नमस्कार दोस्तों आज मैं आपको लेकर चल रहा हूं भारत की सबसे पवित्रतम पावन धाम प्रथम पुज्य भगवान गणेश की जन्मस्थली डोडी ताल की यात्रा पर। जहां मौजूद हैं माता अन्नपूर्णा देवी की अलौकिक मंदिर। जहां पूर्ण होती हैं सभी मनोकामनाएं तों तैयार हो जाइए हिमालय पर्वत मालाओं में स्थित भगवान गणेश की जन्मस्थली की रहस्यमई यात्रा पर।
दोस्तों भगवान गणेश की जन्मस्थली डोडी ताल उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी जिले में मौजूद हैं । जहां आप न्यू दिल्ली से बस या टैक्सी की जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं। सबसे अच्छा मौसम आपके लिए होगा फरवरी और मार्च का महिना। जिससे की आप बर्फबारी का भी आनंद उठा सकते हैं और दोस्तों इसी महीने में माता अन्नपूर्णा देवी की पवित्र मंदिर की कपाट भी खुलतीं है। जिससे आप माता की अलौकिक दर्शन का लाभ उठा सकते है।
दोस्तों उत्तरकाशी पहुंचने के बाद आपको टैक्सी के द्वारा अगोड़ा गांव पहुंचना होगा। जहां आप एक रात आराम करने के बाद सुबह सुबह भेवरा कैंप के लिए निकलना होगा।
दोस्तों अगोड़ा गांव से आपको पैदल ही खतरनाक पहाड़ियों के बीच से होकर भेवरा बेस कैंप पहुंचना होगा है यहां तक पहुंचने के लिए आपको लगभग तीन किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है। जब भेवरा पहुंच जाते हों तो वहां बहुत सारे होम स्टे बने हुए हैं जहां आप एक रात आराम से चैन की नींद लें सकते हों। जिससे की आप का शरीर पहाड़ों पर यात्रा करने के अनूकूल बन जाएं। जिससे आप की आगे की यात्रा सुगम हो जाएंगी।
दोस्तों भेवरा में रात को होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में आप भी शामिल हों सकते हैं जो कि वहां के गांव वालों के द्वारा पर्यटकों के लिए आयोजित किया जाता है। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उस क्षेत्र के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिजिए और आराम से अपने रूम में जाकर सो जाईए।
दोस्तों आगे की यात्रा आपकी कठीन होने वाली है क्योंकि आपका अगला पड़ाव माझी होने वाली है जो कि भेवरा से नौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दोस्तों जहां आपको एक ही दिन में पहुंचना होगा क्योंकि बीच रास्ते में कोई भी कैंप स्थित नहीं है जहां की आराम कर सकोगे। अतः सुबह जितना जल्दी हो सके आपको माझी के लिए यात्रा शुरू कर देनी होगी ताकि आप समय पर माझी पहुंच जाओ। दोस्तों यात्रा के दौरान आपको पहाड़ों की उंचाई और गहरी खाईयां आपको रोमांचित कर देंगी। और दुर दुर तक बर्फ से ढकी पहाड़ों की खूबसूरती आपकी थकान को मिटा देंगी। दोस्तों भेबरा और माझी के बीच में एक जगह पर पहाड़ों के बीच में मैगी नूडल्स प्वाइंट है जहां पर आप मैगी खाने का आनन्द उठा सकते हैं जिससे आपको काफी मज़ा आयेगा।
दोस्तों मैगी खाने के बाद अब आगे बढ़ते हैं और घने जंगल और गहरी खाईयां आपको रोमांचित कर देंगी और इन्हीं नजारों का आनन्द उठाते हुए आप माझी कब पहुंच जाएंगे आपकों पता ही नहीं चलेगा। चुंकि माझी काफी ऊंचाई पर स्थित है इसलिए आपको थकान भी हो रही होगी। अतः थकान को मिटाने के लिए आप वहां बने स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए ढावे पर वहां की स्थानीय जड़ी बूटियों वाली स्पेशल चाय पी कर आप अपनी थकान दूर कर सकते हैं। और ढाबे वाला द्वारा वहां की स्थानीय रोमांचित कर देने वाली कहानियां को सुनकर डर और रहस्य की कल्पनाओं में गोता लगाने का आनंद उठा सकते हैं।
दोस्तों माझी में आप उसी ढाबे में रात को सोने की भी व्यवस्था कर सकते हैं जहां आपने चाय पी थी।वे लोग रात में आपके लिए खाने पीने की भी व्यवस्था कर देगें। चुंकि काफी ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां रात्रि में काफी तेज हवाएं चलती है और साथ ही साथ बर्फबारी भी काफी तेज होती हैं अतः टेंट की अपेक्षा ढाबा ही काफी सुरक्षित होती हैं यहां रात्रि में ठहरने के लिए।
दोस्तों माझी से डोडी ताल की दुरी लगभग 5 से 6 किलोमीटर की है जहां आपको रास्ते में कई झरनें देखने को मिलेगी। ऊंचे ऊंचे पहाड़ियों पर आपको चीड़ और देवदार की वृक्षों पर बर्फ की सफेद चादर यानि वृक्षों पर बर्फ की मोटी परत जमी दिखाई देंगी। चारों तरफ सफेदी ही सफेदी। आपकों ऐसा लगेगा कि आप स्वर्ग में पहुंच गए हों। अद्भूत व अलौकिक नजारा होगी आपके सामने। और आपको यहां से वापस लौटने का मन नहीं करेगा। दोस्तों जब आप माझी से डोडी ताल की ओर प्रस्थान करेंगे जो रास्ते में आपको बर्फ की मोटी चादर बिछी हुई मिलेगी जिस पर आप चलेंगे तो आप बार-बार फिसलेंगे गिरेंगे फिर भी आगे बढ़ते रहेंगे। गिरते पड़ते जब आप रास्ते में पड़ने वाले बाबा भैरव नाथ के मंदिर पहुंचेंगे तो आप की सारी थकान दूर हो जाएगी बाबा की कृपा से। और यहां से 2 किलोमीटर की दूरी पर डोडी ताल स्थित है। यहां थोड़ी देर आराम करने के बाद पुनः आप डोडी ताल की ओर प्रस्थान कर जाते हैं।
दोस्तों अंततः रास्ते का आनंद उठाते हुए आप जब भगवान गणेश की जन्मस्थली डोडी ताल पहुंचते हैं तो वहां की अलौकिक नजारा देखकर आप अचंभित हो जाएंगे। चारों तरफ ऊंची पहाड़ियां बर्फ से ढकी हुई और बीच में गहरी डोडी ताल झील और बगल में ही माता अन्नपूर्णा देवी की अलौकिक मंदिर जो पुरी तरह से बर्फ से ढकी रहती है। की नजारा देखकर आपका मन आनंदित हो उठेगा। और आपके आंखों से खुशी के आंसू निकलने लगेगें जो कि मेरे साथ भी पहली बार हुईं थीं।
धन्यवाद दोस्तों यहां पर होम स्टे बने हुए जहां आप कई दिनों तक रुककर और माता अन्नपूर्णा की दर्शन करने के बाद आप वापस लौट सकते हैं। 🙏🙏जय माता दी 🙏 🙏
🙏🙏 यात्रा में बने रहें 🙏🙏


